Respect देना Greatness है, डरना Weakness।
जो हर इंसान को सम्मान देता है, वो छोटा नहीं होता…
और जो हर हाल में खुद पर भरोसा रखता है, उसे कोई हरा नहीं सकता।”![]()
दोस्तों,
आज की दुनिया में सबसे बड़ी लड़ाई बाहर से नहीं,
अपने मन के अंदर होती है।
एक आवाज़ कहती है – “लोग क्या कहेंगे?”
दूसरी आवाज़ कहती है – “तू क्या कर सकता है!”
यही अंतर है डर और आत्मविश्वास का।
यही अंतर है Weakness और Power का।
आज की कहानी है दो आम लोगों की –
एक इंजीनियर प्रेम और एक गृहिणी शैली की।
दोनों की ज़िंदगी अलग,
लेकिन सीख एक ही –
Respect Everyone, Fear No One.
कहानी 1: इंजीनियर प्रेम – सम्मान के साथ निडरता
प्रेम एक मिडिल क्लास परिवार से था।
छोटे शहर में पढ़ाई, बड़ी कंपनी में नौकरी।
ऑफिस में नए-नए आया था।
चारों तरफ सीनियर, बड़े-बड़े डिग्री वाले लोग।
हर मीटिंग में उसका दिल तेज़ धड़कता –
“कहीं कुछ गलत न बोल दूँ…”
वो सबको बहुत Respect देता था,
लेकिन अंदर से डरता भी था।
डरता था कि कहीं कोई उसे कमज़ोर न समझ ले।
एक दिन प्रोजेक्ट मीटिंग में
सब लोग एक गलत प्लान पर सहमत हो रहे थे।
प्रेम को पता था – यह रास्ता नुकसान देगा।
पर मन बोला –
“चुप रहो… तुम जूनियर हो…
सीनियर लोग बुरा मान जाएंगे…”
फिर उसे अपने पिता की एक बात याद आई:
“बेटा,
सम्मान देना सीख,
लेकिन सच बोलने से डर मत।”
प्रेम खड़ा हुआ।
शांत आवाज़ में, पूरे सम्मान के साथ बोला –
“सर, आपकी बात बिल्कुल सही है,
लेकिन एक छोटा सा पॉइंट और देख लेते हैं…”
उसने डेटा दिखाया।
कोई बदतमीज़ी नहीं,
कोई अहंकार नहीं,
सिर्फ सच्चाई और सम्मान।
कमरे में सन्नाटा छा गया।
फिर प्रोजेक्ट हेड ने कहा –
“Good observation, Prem.”
उस दिन प्रेम समझ गया –
Respect से बात करने वाला कभी छोटा नहीं होता,
और Confidence से बोलने वाला कभी हारता नहीं।
सीख:
“जो झुककर सम्मान देता है,
वो कमजोर नहीं, मजबूत होता है।
और जो सच के लिए खड़ा होता है,
वो डरपोक नहीं, बहादुर होता है।”
कहानी 2: गृहिणी शैली – आत्मसम्मान और आत्मविश्वास
शैली एक साधारण गृहिणी थी।
घर, बच्चे, किचन, समाज की बातें।
लोग अक्सर कहते –
“तुम तो बस हाउसवाइफ हो,
तुम क्या जानो दुनिया के बारे में?”
वो सबकी इज़्ज़त करती,
लेकिन कहीं न कहीं खुद को छोटा मानने लगी।
एक दिन बच्चों के स्कूल में
एक मीटिंग थी।
टीचर ने गलत तरीके से
बच्चों पर दबाव डालने की बात कही।
सब माता-पिता चुप।
शैली का मन कांप रहा था,
लेकिन दिल बोला –
“गलत को गलत कहना ज़रूरी है।”
वो खड़ी हुई और बोली –
“मैडम, हम आपकी बहुत इज़्ज़त करते हैं,
लेकिन बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य
मार्क्स से ज़्यादा ज़रूरी है।”
ना गुस्सा,
ना बदतमीज़ी,
सिर्फ आत्मविश्वास और सच्चाई।
पूरा हॉल शांत हो गया।
कई पैरेंट्स ने उसका साथ दिया।
मीटिंग का फैसला बदला।
शैली को पहली बार एहसास हुआ –
डर हटते ही आवाज़ में ताक़त आ जाती है।
महान लोगों के शब्द
स्वामी विवेकानंद ने कहा था:
“खुद पर विश्वास करो,
दुनिया खुद तुम्हारे क़दमों में होगी।”
अब्दुल कलाम ने कहा:
“आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत,
असफलता नाम की बीमारी की
सबसे अच्छी दवा है।”
Respect और Fear का अंतर
Respect का मतलब है –
दूसरों की कीमत समझना।
Fear का मतलब है –
खुद को कम समझना।
आप किसी को Respect देते हुए
उससे डरने के लिए पैदा नहीं हुए।
आप बॉस की इज़्ज़त करें,
पर गलत को गलत कहने से डरें नहीं।
आप समाज की इज़्ज़त करें,
पर अपने सपनों को दबाने से डरें नहीं।
असली Power क्या है?
Power मसल्स में नहीं,
पैसे में नहीं,
पोस्ट में नहीं।
Power है –
अपने सच पर खड़े होने की हिम्मत।
शांत रहकर भी
सही बात कहने का साहस।
Power है –
बिना किसी को नीचा दिखाए
खुद को ऊँचा उठाना।
Practical Life Formula
-
Respect सबको दो –
क्योंकि हर इंसान कुछ न कुछ सिखाता है। -
Fear किसी का मत रखो –
क्योंकि डर तुम्हारी Growth रोक देता है। -
Confidence बनाओ –
रोज़ खुद से कहो:
“मैं सक्षम हूँ, मैं मजबूत हूँ।” -
विनम्र रहो, लेकिन कमजोर नहीं।
झुको, पर टूटो मत।
Powerful Ending
याद रखो…
सम्मान देने वाला इंसान
भीड़ में अलग चमकता है।
और आत्मविश्वास रखने वाला इंसान
किस्मत खुद बनाता है।
आज से एक ही मंत्र अपनाओ:
“Respect Everyone,
Fear No One,
And Trust Yourself.”
क्योंकि…
“Respect देना Greatness है,
और Confidence ही असली Power।” 🔥🙏
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